Waqf Amendment Bill: ओवैसी ने क्यों फाड़ा बिल? जानें 12 घंटे की बहस में विपक्ष ने क्या कहा!

Why Owasi tears Waqf Amendment Bill 2025
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विपक्ष का हंगामा, Waqf Amendment Bill पर बवाल: कौन हारा, कौन जीता? विपक्ष में किसने क्या कहा?

नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2025: आज तड़के 2 बजे लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 (Waqf Amendment Bill 2025) को मंजूरी मिल गई, जिसके बाद देश भर में इसकी चर्चा जोरों पर है। यह विधेयक 12 घंटे से अधिक चली तीखी बहस के बाद पारित हुआ, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार देखने को मिली। वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को 288 मतों के समर्थन और 232 मतों के विरोध के साथ पास किया गया।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से मजबूत दलीलें पेश कीं, तो वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे “असंवैधानिक” और “मुस्लिम विरोधी” करार देते हुए तीखा विरोध जताया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तो वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) की प्रति फाड़कर अपना गुस्सा जाहिर किया। आइए जानते हैं कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने इस बहस में क्या कहा और कैसे उन्होंने सरकार को घेरा।

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विपक्ष की तीखा प्रतिक्रिया

Waqf Amendment Bill Gaurav Gogoi

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- इन्होंने 2013 में यूपीए सरकार के विषय में कहा, वह पूरा का पूरा मिसलीड है, झूठ है। इन्होंने आरोप लगाए, भ्रम फैलाया। मेरा भी सौभाग्य है कि पिछले सदन में मैंने अयोध्या राम मंदिर पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। आज वक्फ बिल (Waqf Amendment Bill) पर विपक्ष की तरफ से अपना पक्ष रख रहा हूं। दोनों मामलों में एक ही मार्गदर्शक है। भारत का संविधान।

संविधान कहता है कि सभी को सामाजिक, धार्मिक और रातनीतिक न्याय और समानता मिले। बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण है। मंत्रीजी का पूरा भाषण संघीय ढांचे पर आक्रमण है। इस सरकार का इस बिल के द्वारा 4 मकसद हैं। संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना और अल्पसंख्यकों को बदनाम करना, भारतीय समाज को बांटना और चौथा मकसद अल्पसंख्यकों को डिसएन्फ्रेंचाइज करना।

कुछ हफ्ते पहले देश में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं। इनकी डबल इंजन सरकार ने लोगों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने दी।


सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा– वक्फ बिल (Waqf Amendment Bill) में न तो नीति सही है और न नीयत। देश के करोड़ों लोगों से घर-दुकान छीनने की साजिश है। भाजपा अलोकतांत्रिक पार्टी है। वह असहमति को अपनी शक्ति मानती है। सरकार वक्फ बिल लाने की जिद क्यों कर रही है? यह सांप्रदायिक राजनीति का नया रूप है, जिद है।

Waqf Amendment Bill Akhilesh Yadav

बाहर ये लिखते हैं सत्यमेव जयते, भाजपाई अंदर असत्य बात कहते। वोट को संभालने के लिए बिल लाया गया है। भाजपा चाहती है कि मुस्लिम समुदाय को ये लगे कि उनका हक मारा जाए। वोटों का ध्रुवीकरण हो। इससे जितना फायदा होगा, उसका वो लाभ उठाएंगे।

ये वक्फ बिल कोई उम्मीद लेकर नहीं आ रहा। ये सोची-समझी रणनीति का मसला है। ये मुस्लिमों में भी बंटवारा चाहते हैं। हमारे एक सदस्य कह रहे हैं कि चुनाव बहुत बढ़िया हो रहा है, वोट ही नहीं पड़ने दिया।


Waqf Amendment Bill TMC

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने बिल का विरोध करते हुए कहा- वक्फ एक धार्मिक और समाजसेवा करने वाला संस्थान है। इस संसद में राज्य सरकार की ताकतों के दायरे में उल्लंघन किया जा रहा है। राज्य सरकार के अधिकारों में दखल नहीं किया जा सकता है। हिंदू इंग्लिश कानून फॉलो करते हैं और मुस्लिम इंग्लिश लॉ नहीं मानता। यह अंतर है। वक्फ का हर अधिकार अल्लाह के पास है। लोगों की भलाई के लिए प्रॉपर्टी का इस्तेमाल होता है। मुतवल्ली के पास प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है।

वक्फ का टाइटल बदला गया। इसमें संशोधन असंवैधानिक हैं। 5 साल तक इस्माम की प्रैक्टिस का प्रावधान जोड़ा गया है।

संविधान में किसी को धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। मैं धर्म का पालन कर रहा हूं या नहीं, कोई कौन होता है मुझसे सवाल कर सकता है। किसी धर्म का पालन करना वक्फ क्रिएट करने के लिए शर्त नहीं हो सकती है। क्या हिंदू धर्म में ऐसा प्रावधान है कि 5 साल तक धर्म मानो और तब दान कर सकते हैं। मैं किसी हिंदू मंदिर में, मुस्लिम प्रॉपर्टी और क्रिश्चियन धर्म में दान कर सकता हूं।


डीएमके सांसद ए राजा ने कहा– मंत्रीजी ने कुछ देर पहले बेहद गर्व के साथ भाषण दिया है। मैं हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइएगा। मैच कर जाए तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती। उन्होंने कहा कि आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा। ये वक्फ बिल (Waqf Amendment Bill) असंवैधानिक है। इसे सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है।

Waqf Amendment Bill DMK A RAJA

Waqf Amendment Bill KC Congress

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा- हमारे यहां भारत माता को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। रिजिजूजी इस बिल (Waqf Amendment Bill) में आप नॉन मुस्लिम को बोर्ड में ला रहे हैं। वैष्णो देवी टेम्पल एक्ट में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट गवर्नर चेयरमैन होगा, अगर वो हिंदू नहीं है तो किसी को नॉमिनेट कर सकता है। मैं इसका समर्थन कर सकता हूं। आप वक्फ बोर्ड के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड भी धार्मिक है।

केरल में देवस्थानम बोर्ड में विधायक किसी को नॉमिनेट कर सकता है, वो विधायक हिंदू होगा। मुस्लिम नहीं होगा। किसी मुस्लिम और क्रिश्चियन विधायक के पास ये अधिकार नहीं है कि देवस्थानम बोर्ड के मेंबर को चुने।

आप मुस्लिमों के साथ वक्फ बोर्ड में भेदभाव कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह संविधान के अनुसार है। कहा गया कि अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की संविधान के अनुसार रक्षा की जाए। आप आज मुस्लिमों को टारगेट कर रहे हैं। आप कल क्रिश्चियन, सिख, जैन के खिलाफ होंगे। संघ परिवार का एजेंडा है कि अल्पसंख्यकों को इस देश में खत्म कर दो।


AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- “यह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) मुसलमानों की आस्था और इबादत पर हमला है।” उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून समुदाय के अधिकारों को कमजोर करता है। संवैधानिक चिंताओं को उठाते हुए ओवैसी ने अनुच्छेद 14 का हवाला दिया, जो कानून के तहत समान सुरक्षा की गारंटी देता है। उन्होंने कहा, “एक मुसलमान को वक्फ संपत्ति पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा, और अतिक्रमण करने वाला रातोंरात उसका मालिक बन जाएगा। एक गैर-मुस्लिम इसे प्रशासित करेगा – यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।”

Waqf Amendment Bill Owasi

ओवैसी ने कहा कि “सर, यह विधेयक मुसलमानों के हाथों से प्रबंधन छीन लेता है, अन्य हितधारकों की तुलना में वक्फ को कमजोर बनाता है, प्रशासन को छीन लेता है और विकास को बाधित करता है… आजादी से पहले से लेकर आज तक विकास की प्रगति को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।”

महात्मा गांधी द्वारा अन्यायपूर्ण कानूनों की अवहेलना के साथ तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “जब गांधीजी के समक्ष एक ऐसा कानून पेश किया गया जिसे वह स्वीकार नहीं कर सके, तो उन्होंने कहा, ‘मैं इस कानून को मान्यता नहीं देता और मैं इसे फाड़ देता हूं।’ गांधीजी की तरह ही मैं भी इस कानून को फाड़ रहा हूं।”

विपक्ष का एकजुट विरोध

विपक्षी दलों ने इस वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) के खिलाफ एकजुट होकर सरकार को घेरने की कोशिश की। बहस के दौरान कई बार हंगामा हुआ और विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। ओवैसी के बिल फाड़ने की घटना ने सदन में तनाव को और बढ़ा दिया। विपक्ष का कहना था कि यह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) न केवल वक्फ बोर्ड की स्वतंत्रता को खत्म करता है, बल्कि गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने जैसे प्रावधानों से धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा देता है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा और AIMIM ने इसे “तानाशाही” और “संघीय ढांचे पर हमला” करार दिया।

सरकार का जवाब

वहीं, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए लाया गया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “यह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) किसी की धार्मिक आजादी में हस्तक्षेप नहीं करता। इसका मकसद तकनीक आधारित प्रणाली से वक्फ संपत्तियों को व्यवस्थित करना है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष पर “वोट बैंक की राजनीति” का आरोप लगाया और कहा कि यह कानून सभी के हित में है। सरकार का दावा है कि यह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए एक कदम है।

इस विधेयक ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर करेगा या अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चोट करेगा? यह सवाल अभी अनुत्तरित है।

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