प्रमुख बिंदु-
टेक डेस्क (Facebook Hoax): सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक बार फिर से एक अलर्ट संदेश तेजी से फैल रहा है, हाल ही में लोगों द्वारा एक पोस्ट कॉपी-पेस्ट किया जा रहा है जिसमें लिखा होता है की “मैं अपनी तस्वीरों और निजी जानकारी के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता!” इस तरह की पोस्ट्स, जो कानूनी भाषा और टीवी न्यूज के दावों के साथ वायरल हो रही हैं, लाखों यूजर्स को परेशान कर रही हैं। क्या वाकई आपकी प्रोफाइल का डेटा कल से मेटा की संपत्ति बन जाएगा? आइए, इस वायरल अलर्ट की सच्चाई को समझते हैं और जानते हैं कि कैसे आप अपनी प्राइवेसी को वास्तव में सुरक्षित रख सकते हैं।
क्या है वायरल संदेश में?
पिछले कुछ हफ्तों से फेसबुक पर एक मैसेज तेजी से शेयर हो रहा है, जिसमें लिखा है,
मैं (यूजर का नाम) स्पष्ट करता हूँ कि मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता हूँ। कल एक महत्वपूर्ण दिन है जिस पर आधिकारिक मुहर रात 9:20 बजे लगाई गई है, यह समाचार टीवी पर भी प्रसारित किया गया है। फेसबुक के नए नियम कल से लागू होंगे, जो आपकी तस्वीरों के उपयोग की अनुमति देते हैं। समय सीमा आज समाप्त हो रही है। कृपया इस संदेश को कॉपी करें और अपने प्रोफाइल पर एक नया पोस्ट बनाकर पेस्ट करें। जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें अनुमति देने वाला माना जाएगा। गोपनीयता के उल्लंघन पर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता हूँ।
इस पोस्ट में दावा किया जाता है कि फेसबुक (Facebook) की प्राइवेसी पॉलिसी बदल रही है, और अगर आप यह मैसेज अपनी टाइमलाइन पर शेयर नहीं करते, तो आपकी जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी।

यह अफवाह कोई नई नहीं है। 2012 से यह मैसेज अलग-अलग भाषाओं में, खासकर अमेरिका, यूरोप और अब भारत में वायरल हो चुका है। इसे “Facebook Copyright Hoax” के नाम से जाना जाता है। इस पोस्ट में लिखा एक भी शब्द सच नहीं है। कोई भी टीवी चैनल या न्यूज पोर्टल इस तरह की खबर की पुष्टि नहीं करता। फिर भी, डर और भ्रम के कारण यह मैसेज लाखों प्रोफाइल्स पर दिख रहा है और लोगों द्वारा पोस्ट किया जा रहा है।
वायरल हो रहे संदेश की सच्चाई
यह वायरल मैसेज पूरी तरह से झूठा है। Facebook या META की प्राइवेसी पॉलिसी आपके द्वारा कोई मैसेज पोस्ट करने से नहीं बदलती। फेसबुक की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्प सेंटर में साफ लिखा है कि यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल उनकी सहमति और प्राइवेसी सेटिंग्स के आधार पर होता है। जब आप फेसबुक पर साइन अप करते हैं, तो आप पहले से ही उनके यूजर एग्रीमेंट को स्वीकार करते हैं, जो डेटा उपयोग की शर्तों को बताता है।
इस तरह की पोस्ट्स 2012, 2015, 2018 और अब 2025 में भी कई बार वायरल हो चुकी हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाली कानूनी भाषा, जैसे “मैं अनुमति नहीं देता” या “कानूनी घोषणा”, केवल यूजर्स को डराने के लिए बनाई गई है। मेटा ने खुद 2019 में एक बयान जारी कर कहा था कि ऐसी पोस्ट्स का कोई कानूनी आधार नहीं है। भारत में भी कोई कानून ऐसा कॉपी-पेस्ट मैसेज पोस्ट करने को मान्यता नहीं देता।

इस तरह के Facebook Hoax क्यों फैलते हैं?
इस तरह की अफवाहें (Facebook Hoax) बार-बार क्यों वायरल होती हैं? इसके पीछे कई कारण हैं:
- लोग डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंतित रहते हैं।
- कानूनी-जैसी भाषा और “आखिरी तारीख” जैसी बातें लोगों को तुरंत शेयर करने पर मजबूर कर देती हैं।
- भारत में 35 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स हैं, और कई लोग बिना जांचे-परखे मैसेज फॉरवर्ड कर देते हैं।
- ज्यादातर यूजर्स को फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग्स की पूरी जानकारी नहीं होती। भारत में डिजिटल साक्षरता की कमी इस तरह की अफवाहों को और हवा देती है।
ऐसे संदेश से बचाव के लिए क्या करें?
- ऐसे संदेश कॉपी-पेस्ट या शेयर न करें।
- सिर्फ Facebook के “Settings → Privacy” या उनके आधिकारिक हेल्प सेंटर से अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स बदलें।
- दूसरों को भी बताएं कि यह झूठी खबर है।
- यदि आपको अपनी सामग्री के उपयोग को सीमित करना है, तो Facebook की “Profile and Tagging” सेटिंग्स और “Public Posts” सेटिंग्स को अपडेट करें।

अपनी प्राइवेसी कैसे बचाएं: असली उपाय
अगर आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल और डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को अपनाएं:
- प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें: Facebook पर Settings → Privacy में जाएं। “Who can see your future posts?” को “Friends” या “Only Me” सेट करें। (अगर आप नहीं चाहते हैं की आपकी फोटो/पोस्ट आपके मित्रता श्रेणी से बहार जाए तो)
- टैगिंग और पोस्ट्स कंट्रोल करें: Settings → Profile and Tagging में तय करें कि कौन आपको टैग कर सकता है और आपकी टाइमलाइन देख सकता है।
- पब्लिक पोस्ट्स सीमित करें: Settings → Public Posts में पब्लिक विजिबिलिटी को लिमिट करें।
- थर्ड-पार्टी ऐप्स हटाएं: Settings → Apps and Websites में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स को हटाएं।
- अफवाहों से बचें: फेसबुक के बदलावों की जानकारी केवल आधिकारिक हेल्प सेंटर या मेटा की वेबसाइट से लें।
ऐसी फर्जी पोस्ट्स को शेयर करने से बचें।
यह फ़र्ज़ी संदेश वाली पोस्ट न तो आपकी प्राइवेसी बचाएगी, न ही कोई कानूनी सुरक्षा देगी। यह केवल एक पुरानी अफवाह है, जो डर और अज्ञानता के कारण बार-बार वायरल होती है। अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने का असली तरीका है सही सेटिंग्स का इस्तेमाल और जागरूकता। अगली बार ऐसा कोई मैसेज मिले, तो बिना डरे फेसबुक (Facebook) के हेल्प सेंटर पर जाएं या भरोसेमंद न्यूज पोर्टल्स पर चेक करें। याद रखें, सही जानकारी ही आपकी असली ढाल है!
राणा अंशुमान सिंह यूनिफाइड भारत के एक उत्साही पत्रकार हैं, जो निष्पक्ष और प्रभावी ख़बरों के सन्दर्भ में जाने जाना पसंद करते हैं। वह सामाजिक मुद्दों, धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण, महिलाओं के अधिकारों और राजनीति पर गहन शोध करना पसंद करते हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ हिंदी-उर्दू में कविताएँ और ग़ज़लें लिखने के शौकीन राणा भारतीय संस्कृति और सामाजिक बदलाव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
