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झांसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बुधवार को यहां एक बड़े खेलकूद आयोजन में हिस्सा लेते हुए राज्य की बदलती तस्वीर पर गर्व से बात की। उन्होंने कहा कि आज यूपी का हर नागरिक देशभर में सम्मान की नजरों से देखा जाता है। पुराने दिनों की तरह अब कोई पहचान का संकट नहीं झेलना पड़ता। यह बयान न केवल राज्य के विकास को रेखांकित करता है, बल्कि युवाओं को प्रेरित करने वाली एक नई ऊर्जा का संचार करता है।
यूपी: विकास का नया इंजन, सम्मान का नया प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूपी अब देश के विकास का प्रमुख इंजन बन चुका है। “आज अगर आप कहीं जाते हैं और कहते हैं कि मैं यूपी से हूं, तो सामने वाले का चेहरा चमक उठता है। वो आपको सम्मान से देखता है, क्योंकि उसे पता है कि यूपी ने गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़ दिया है।” यह बात उन्होंने भानी देवी गोयल स्कूल में आयोजित 36वें क्षेत्रीय खेलकूद समारोह के दौरान कही।
पहले के दौर में यूपी के लोगों को अक्सर हाशिए पर धकेल दिया जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। योगी ने जोर देकर कहा कि राज्य ने अपनी समृद्ध विरासत को संजोया है। महापुरुषों जैसे रानी लक्ष्मीबाई और अन्य वीरों को याद रखा जाता है, जिनकी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं। विकास के मोर्चे पर भी तेजी से काम हो रहा है, जिससे राज्य न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि सामाजिक सम्मान भी हासिल कर रहा है। पिछले आठ वर्षों में यूपी का जीडीपी ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से ऊपर रहा है, जो इस बदलाव का प्रमाण है।

विद्या भारती: बिना सरकारी मदद के मील का पत्थर
कार्यक्रम में योगी ने विद्या भारती संस्थान की खूब तारीफ की। उन्होंने इसे एक अनूठा संगठन बताया, जो बिना किसी सरकारी सहायता के भारतीय संस्कारों पर आधारित शिक्षा को देशभर में फैला रहा है। “यह संस्थान 25 हजार से अधिक स्कूलों को अपने बैनर तले जोड़ चुका है। यह साबित करता है कि स्वावलंबन से कितना बड़ा काम किया जा सकता है।”
विद्या भारती की यह पहल न केवल शिक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दे रही है। आयोजन में शामिल हजारों छात्र-छात्राओं ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया, जो राज्य के ग्रामीण इलाकों से आए थे। योगी ने इन युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस सिखाते हैं, बल्कि अनुशासन और टीम वर्क का पाठ भी पढ़ाते हैं। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समारोह में पूर्वी यूपी के 10 जिलों से 1500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जो शिक्षा और खेल के मेल को दर्शाता है।

खेलकूद समारोह: युवा ऊर्जा का उत्सव
36वां क्षेत्रीय खेलकूद समारोह एक जीवंत मंच साबित हुआ, जहां फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स जैसे खेलों के माध्यम से युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया और कहा कि खेल राज्य की नई पीढ़ी को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम है। “हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा खेल मैदान पर उतरे, ताकि वो स्वस्थ और आत्मविश्वासी बने।”
इस आयोजन ने झांसी की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत किया। रानी लक्ष्मीबाई के शहर में यह समारोह विशेष महत्व रखता है, जहां खेल और इतिहास का संगम हुआ। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर चमक सकती हैं। समारोह में महिलाओं की भागीदारी भी सराहनीय रही, जो राज्य की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का प्रतिबिंब है।

कन्वेंशन सेंटर से नई शुरुआत
संबोधन के बाद योगी ने 20 करोड़ रुपये की लागत से बने कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। यह सेंटर न केवल आयोजनों के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। इसके बाद उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें विकास परियोजनाओं और अपराध नियंत्रण पर चर्चा हुई।
बैठक में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रगति की समीक्षा की गई। योगी ने निर्देश दिए कि बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और रोजगार योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए। अपराध के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि शून्य सहनशीलता की नीति जारी रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष झांसी में अपराध दर में 15 प्रतिशत की कमी आई है, जो योगी सरकार की सख्ती का नतीजा है। यह दौरा न केवल खेलकूद को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगा।
राणा अंशुमान सिंह यूनिफाइड भारत के एक उत्साही पत्रकार हैं, जो निष्पक्ष और प्रभावी ख़बरों के सन्दर्भ में जाने जाना पसंद करते हैं। वह सामाजिक मुद्दों, धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण, महिलाओं के अधिकारों और राजनीति पर गहन शोध करना पसंद करते हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ हिंदी-उर्दू में कविताएँ और ग़ज़लें लिखने के शौकीन राणा भारतीय संस्कृति और सामाजिक बदलाव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
